कैलाश मानसरोवर का इतिहास और हिन्दुओं के लिए इसकी पवित्रता का रहस्य

कैलाश मानसरोवर का इतिहास और हिन्दुओं के लिए इसकी पवित्रता का रहस्य

 परिचय
कैलाश मानसरोवर भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व का एक अत्यंत पवित्र और रहस्यमय स्थल है। यह स्थान हिन्दू, बौद्ध, जैन और तिब्बती बोनप धर्म के लिए आस्था का केंद्र है। कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है, जबकि मानसरोवर झील को ‘मानस’ (मन) का सरोवर कहा जाता है, जो मन को शुद्ध कर देने वाली मानी जाती है।

धार्मिक मान्यताएं और इतिहास

1. भगवान शिव का निवास स्थान

  • हिन्दू धर्म के अनुसार, कैलाश पर्वत पर भगवान शिव और माता पार्वती निवास करते हैं।

  • यहीं से गंगा का अवतरण होता है और शिव अपनी जटाओं में गंगा को रोककर पृथ्वी पर बहने देते हैं।

2. शिवपुराण और अन्य ग्रंथों में उल्लेख

  • शिवपुराण, स्कंदपुराण, मत्स्यपुराण जैसे कई ग्रंथों में “कैलाश खंड” के रूप में इसका वर्णन मिलता है।

3. कुबेर की नगरी

  • कैलाश के पास ही धन के देवता कुबेर की नगरी मानी जाती है।

4. शक्ति पीठ

  • यहीं देवी सती का दायां हाथ गिरा था, इसलिए यहां एक शक्तिपीठ भी स्थित है।

मानसरोवर झील का आध्यात्मिक महत्व

1. झील का नाम और आकार

  • मानस + सरोवर = मन की झील

  • यह झील सूर्य के आकार में है, और इसके समीप स्थित राक्षसताल (रक्षाताल) चंद्रमा के आकार में है।

2. मान्यता

  • मान्यता है कि माता पार्वती यहीं स्नान करती थीं।

  • एक बार इस झील में डुबकी लगाने से व्यक्ति पापमुक्त और रुद्रलोक प्राप्त करता है।

3. जैविक और ऊर्जा संतुलन

  • मानसरोवर और रक्षाताल दो प्रकार की ऊर्जाओं – सकारात्मक और नकारात्मक का प्रतीक हैं।

अन्य धर्मों से जुड़ाव

बौद्ध धर्म

  • बुद्ध का अलौकिक रूप 'डेमचौक' कैलाश पर स्थित है।

  • बौद्ध अनुयायी यहां निर्वाण प्राप्त करने आते हैं।

जैन धर्म

  • आदिनाथ ऋषभदेव का निर्वाण स्थल – अष्टपद कैलाश के पास है।

 सिख धर्म

  • मान्यता है कि गुरु नानक देव जी ने यहां ध्यान लगाया था।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रहस्य

1. धरती का केंद्र – एक्सिस मुंडी

  • वैज्ञानिकों के अनुसार, कैलाश पर्वत धरती की धुरी (Axis Mundi) है – जहां आकाश और पृथ्वी मिलते हैं

2. चुम्बकीय शक्ति और 'ॐ' की ध्वनि

  • कुछ यात्रियों को यहां 'ॐ' या डमरू जैसी ध्वनि सुनाई देती है।

  • यहां की चुम्बकीय तरंगें और ध्वनि कंपन अलौकिक अनुभव कराते हैं।

3. रहस्यमय प्रकाश

  • कई बार कैलाश पर्वत पर 7 रंगों की रोशनी देखी जाती है।

  • यह प्राकृतिक या चुम्बकीय प्रभाव माना गया है।

4. यति मानव की मौजूदगी

  • हिमालय के इस क्षेत्र में हिम मानव (Yeti) होने की रिपोर्ट कई बार आ चुकी है।

 कैलाश पर्वत की विशेषताएं

  • ऊंचाई: 22,068 फीट (लगभग 6,638 मीटर)

  • संरचना: एक पिरामिडनुमा पर्वत, जो 100 छोटे पिरामिडों का केंद्र है।

  • चार दिशाओं से चार नदियों का उद्गम:

    • ब्रह्मपुत्र, सिन्धु, सतलज, करनाली

  • चार दिशाओं में जानवरों के मुख:

    • पूर्व: अश्वमुख, पश्चिम: गजमुख, उत्तर: सिंहमुख, दक्षिण: मयूरमुख

यात्रा मार्ग और कठिनाई

मुख्य मार्ग:

  1. उत्तराखंड (धारचूला) से होकर – कठिन 75 किमी की पैदल यात्रा

  2. सिक्किम के नाथुला दर्रा से – कम पैदल, लेकिन फिलहाल बंद

  3. नेपाल (काठमांडू – सिमिकोट – हिलसा) मार्ग – हेलीकॉप्टर व लैंडक्रूजर से सरल यात्रा

चुनौतियां:

  • ऑक्सीजन की कमी, -2°C तक तापमान

  • कठिन पहाड़ी मार्ग और ऊंचाई पर चढ़ाई

  • लगभग 45 दिन की यात्रा, जिसमें 50 किमी परिक्रमा भी होती है

मानसरोवर झील का भूगोल और रहस्य

  • क्षेत्रफल: 320 वर्ग किमी

  • ऊंचाई: 17,000 फीट से अधिक

  • गहराई: 300 फीट तक

  • जल: मीठा और पवित्र

  • पास में स्थित: राक्षसताल (खारा पानी) – नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक

निष्कर्ष:

कैलाश मानसरोवर केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि एक दिव्य, रहस्यमय और ऊर्जा से भरपूर स्थल है, जहाँ जाकर व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति, आत्मिक शुद्धि, और दिव्यता का अनुभव होता है।
यहां की यात्रा कठिन जरूर है, लेकिन जो व्यक्ति यहां पहुंचता है, वह जीवनभर के लिए धन्य और पावन हो जाता है।